India-China Dispute: हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के तवांग में हुए इंडिया-चीन झड़प के बाद से देश में उस विवाद को लेकर सरकार पर विपक्षी पार्टियों का आरोप लगातार जारी है इसी बिच भारतीय वायुसेना पूर्वोत्तर में दो दिवसीय अभ्यास करने जा रही है. इस अभ्यास में अग्रिम पंक्ति के करीब सभी युद्धक विमान और इस क्षेत्र में तैनात अन्य संसाधन शामिल किये जायेंगे. इस खबर के इतर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तंज कसा है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार की “लाल आंख” पर चीनी चश्मा लग गया है. क्या भारतीय संसद में चीन के विरूद्ध बोलने की अनुमति नहीं है ?
सुखोई-30एमकेआइ और राफेल जेट होंगे शामिल: मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय वायुसेना के अभ्यास का मकसद भारतीय वायुसेना की समग्र युद्धक क्षमता और इस क्षेत्र में सैन्य तैयारियों को परखना है. भारतीय वायुसेना के सुखोई-30एमकेआइ और राफेल जेट समेत अग्रिम पंक्ति के विमान इसमें शामिल होंगे. पूर्वोत्तर क्षेत्र में वायुसेना के सभी अग्रिम अड्डे और कुछ एडवांस लैंडिंग ग्राउंड्स को भी अभ्यास में शामिल किया जाना है.
सीमा पर गरजेंगे लड़ाकू विमान: भारतीय वायुसेना ने पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में एलएसी पर भारतीय हिस्से में चीन की बढ़ती हवाई गतिविधियों के बाद अपने लड़ाकू विमानों को उड़ाया था. सूत्रों ने कहा कि क्षेत्र में चीन द्वारा ड्रोन सहित कुछ हवाई प्लेटफार्म की तैनाती तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति को एकतरफा बदलने के लिए नौ दिसंबर को किये गये चीनी सेना के प्रयासों से पहले हुई थी. उन्होंने कहा कि चीनी ड्रोन एलएसी के काफी पास आ गये थे, जिसके कारण भारतीय वायुसेना को अपने युद्धक विमान उतारने पड़े थे और समग्र युद्धक क्षमता को बढ़ाना पड़ा था.
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अमेरिका की झड़प पर सीधी नज़र: अमेरिका ने कहा है कि वह भारत और चीन को उनकी विवादित सीमाओं से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा द्विपक्षीय माध्यमों के जरिये चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करता है. अमेरिका ने कहा कि वह स्थापित वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से क्षेत्र पर दावे के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करता है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन ज्यां-पियरे ने मंगलवार को अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम स्थिति पर करीबी नजर बनाये रखेंगे. अमेरिका ने चीन को इस झड़प के बाद से फटकार लगाई है और इस विवाद पर अपनी सीधी नज़र रखने की बात कही है | (India-China dispute)