• About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Wednesday, April 8, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राष्ट्रिय

Jail और कैदियों के मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरुरत – अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
May 14, 2024
in राष्ट्रिय
0
Jail

अपराधियों के लिए जेल (Jail) को सुधारगृह के नाम से जाना जाता है. लेकिन शायद ये सुधारगृह समय के साथ आरामगृह में तब्दील हो गए हैं, जहाँ दोषियों से अधिक ऐसे कैदी बंद हैं, जिनका दोष अभी साबित ही नहीं हुआ है. जिन्हे आसान भाषा में विचाराधीन कैदी कहा जाता है. ये कैदी कई-कई सालों तक जेलों में कैद रहते हैं. जिससे न सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन पर लोड बढ़ता है, बल्कि जेलों के बजट पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है, जो सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर असर डालता है. 2022 में प्रकाशित इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश की जेलों में सिर्फ 22 फीसदी कैदी ही ऐसे हैं, जिन्हे किसी अपराध के लिए दोषी करार दिया गया है. जबकि 77 फीसदी कैदी अंडरट्रायल कैदियों की श्रेणी में आते हैं. जिनके ऊपर अलग-अलग अदालतों में केस चल रहा है

ये भी पड़े– Himachal : सेब करोबारियों में अभी से नुकसान की आशंका

आंकड़ों के आधार पर बात करें तो विचाराधीन कैदियों की संख्या 2010 में जहां 2.4 लाख थी, वो 2021 आते-आते करीब दोगुनी होकर 4.3 लाख हो गई. इसमें 78% बढ़ोतरी हुई है. जाहिर तौर पर विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक हिरासत में रखा जाता है और उनका केस कई सालों तक खिचता रहता है. आंकड़ों पर गौर करें तो समझ आता है कि समय के साथ कैदियों को जेलों में भरने का सिलसिला तेजी से बढ़ा है. हालाँकि इस दौरान विचाराधीन कैदियों को एक साल के भीतर ही जमानत पर रिहा करने का रिकॉर्ड भी है. वहीं कई कैदियों को ट्रायल पूरा होने पर दोषी भी करार दिया गया है.

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

इसके अतिरिक्त क्षमता से अधिक कैदियों को रखा जाना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. दैनिक भास्कर अख़बार में छपी एक खबर के अनुसार क्षमता से अधिक कैदियों के मामले में बिहार में इसका आंकड़ा 2020 में 113% था, जो 2021 में बढ़कर 140% हो गया जबकि उत्तराखंड में ये आंकड़ा 185% था. राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो देश की लगभग 30 फीसदी जेल ऐसी हैं जहां ऑक्यूपेंसी रेट 150 फासदी या उससे अधिक है. वहीं 54% जेल ऐसी हैं, जहां 100% ऑक्यूपेंसी रेट है. (Jail)

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

यह रिपोर्ट जेल कर्मचारियों के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित करती है. रिपोर्ट के अनुसार 2021 में देश की जेलों में 1,391 मान्य पदों के मुकाबले केवल 886 ही कर्मचारी थे. जेल के लिए स्टाफिंग मानदंड के अनुसार, 200 कैदियों के लिए एक सुधारक और 500 कैदियों के लिए एक मनोवैज्ञानिक अधिकारी होना चाहिए. लेकिन तमिलनाडु और चंडीगढ़ के अलावा कोई भी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश 200 कैदियों पर एक जेल अधिकारी के मानक को पूरा नहीं करता है. वहीं कर्नाटक एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां कुल जेल कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या 32% है.

मेरा मानना है कि जिम्मेदार प्रशासन और केंद्र व राज्य सरकारों को यह विषय और मुद्दे गंभीरता से लेने चाहिए. ताकि विचाराधीन कैदियों की संख्या को कम कर, क्षमता से अधिक कैदियों के बोझ को जेलों से कम किया जा सके. इसके अतिरिक्त नई जेलों के निर्माण पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए. जिससे जेलों को एक आदर्श सुधार गृह का रूप दिया जा सके. और कैदियों को एक नया व सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिल सके. (Jail)

Tags: Atul Malikramjailpolitical strategist
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

Adani

Adani एनर्जी सॉल्यूशंस ने पूरा किया एस्सार की ऑपरेशनल महान-सिपत ट्रांसमिशन संपत्तियों का अधिग्रहण

2 years ago
Poonch-J&K

जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में शामिल 7 आतंकियों की ड्रोन और खोजी कुत्तों द्वारा तलाश जारी|

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
+91 (783) 766-7000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

Kiddopia

India’s Homegrown Preschool App Kiddopia Earns Prestigious Webby Award Nomination

April 8, 2026
White gold

White Gold Honours Loyalty and Performance at Excellence Night, Gifts Cars to 10 Employees

April 8, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)