कहीं आप किसी बच्चे की बौद्धिक मंदता (Intellectual Disability) के लिए
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Wednesday, February 11, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home लाइफस्टाइल

कहीं आप किसी बच्चे की बौद्धिक मंदता (Intellectual Disability) के लिए ज़िम्मेदार तो नहीं?

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
February 27, 2024
in लाइफस्टाइल
0
Intellectual Disability
Intellectual Disability– हर बार, बाज़ार जाने से पहले जब आप वो कपड़े का थैला ले जाना भूल जाते हैं और फिर सामान खरीदने के बाद दुकानदार से पॉलिथीन की थैली मांगते हैं, तब आप अनजाने में ही सही, लेकिन कहीं न कहीं, किसी बच्चे की बौद्धिक दिव्यांगता में योगदान दे रहे होते हैं। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। यह बात सुनने में भले ही चौंकाने वाली लगे, लेकिन पॉलिथीन की थैलियों के हमारे इस्तेमाल, गर्भस्थ बच्चों के विकास, और जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण जैसे व्यापक मुद्दों के बीच गहरा संबंध है।
 
चलिए समझते हैं इसका विज्ञान
पॉलिथीन थैलियों के निर्माण में कई खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है। इनमें से कुछ प्रमुख रसायन हैं बिस्फेनॉल ए (बीपीए), प्रोपॉक्सी, डिबेंजॉयलमेथेन और डाइआयोडोमेथेन। इसके अलावा, प्लास्टिक उत्पादों, जिनमें पॉलिथीन थैलियां भी शामिल हैं, में फेथलेट प्लास्टिसाइज़र और तमाम ज्वाला मंदक जहरीले रसायन भी होते हैं। ये रसायन भोजन और पानी में मिलकर मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
ये भी पड़े–मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) और कैबिनेट सब कमेटी के फैसले के बावजूद दफ्तरी मुलाजिमों के मसले हल नहीं हुए।
यहाँ सबसे चिंताजनक रसायन है बीपीए। इसे एक हार्मोन अवरोधक के रूप में जाना जाता है। यह अंतःस्रावी या एंडोक्राइन तंत्र के सामान्य कामकाज में हस्तक्षेप कर सकता है। इसके चलते बच्चों के विकास पर गंभीर प्रभाव हो सकते है। इन परिणामों में मानसिक मंदता भी शामिल है।गर्भवती महिलाएं बीपीए और दूसरे ऐसे रसायनों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होती हैं, क्योंकि ये रसायन प्लेसेंटा को पार कर भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। फेथलेट प्लास्टिसाइज़र और ज्वाला मंदक भ्रूण के विकास में देरी का कारण बन सकते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि गर्भावस्था के दौरान इन पदार्थों के संपर्क में आने से भ्रूण के विकास और वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
उदाहरण के लिए, डाइ-(2-इथाइलहेक्सिल) फेथलेट (DEHP) के संपर्क में आने से माताओं में कोशिका वृद्धि और प्लेसेंटा का आकार कम हो जाता है, जो संभावित रूप से भ्रूण के विकास और वृद्धि को प्रभावित करता है। इसी तरह, फेथलेट के संपर्क में आने से प्लेसेंटा का आकार और रूप बदल सकता है, जिससे विकास में देरी हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ ज्वाला मंदक, जैसे पॉलीब्रोमिनेटेड डिफेनिल इथर (पीबीडीई), थायरॉयड और प्लेसेंटा के कार्यों में बाधा डालते हैं, जिससे भ्रूण के विकास में देरी होती है।
 
क्या है बौद्धिक दिव्यांगता से संबंध? (Intellectual Disability)
अब सवाल उठता है कि प्लास्टिक की थैली के प्रयोग और बच्चों में बौद्धिक विकलांगता के बीच क्या संबंध है? सरल शब्दों में कहें तो इन थैलियों के उत्पादन, उपभोग, और निपटान, तीनों ही प्रक्रियाओं में हम हानिकारक रसायनों के संपर्क में आते हैं। गर्भवती महिलाओं पर इसके प्रभाव से बच्चों के विकास में देरी(डेवलपमेंटल डिले)के कारण बौद्धिक दिव्यांगता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार और सेरेब्रल पाल्सी जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?
 
जुड़े हैं जलवायु परिवर्तन से भी इसके तार
लेकिन बात यहीं नहीं रुकती। प्लास्टिक बैग के उत्पादन और निपटान से भी जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय क्षरण बढ़ता है। पॉलिथीन थैलियां मुख्य रूप से पेट्रोलियम संसाधनों से प्राप्त इथीलीन या प्रोपलीन-आधारित पॉलिमर से बनाई जाती हैं। इन संसाधनों के निष्कर्षण और प्रसंस्करण से वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
इसके अलावा, प्लास्टिक प्रदूषण हमारे पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। पॉलिथीन थैलियों को सड़ने में सैकड़ों साल लग जाते हैं, जो जलमार्गों को अवरुद्ध करती हैं, वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाती हैं और मिट्टी को दूषित करती हैं। यह न केवल पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित करता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी दूरगामी परिणाम देता है।
‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |
 
किया क्या जाए?
अगली बार जब आप प्लास्टिक थैली लेने के बारे में सोचें, तो सुविधा से परे इसके व्यापक प्रभावों के बारे में विचार करें। प्लास्टिक की थैलियों पर हमारी निर्भरता को कम करके और स्थायी विकल्पों की वकालत करके, हम न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य की भी रक्षा कर सकते हैं। इससे हम सभी के लिए एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित होगा।
तो घर में रखे उन पुराने हो चुके कपड़ों में पर्यावरणीय स्थिरता और किसी बच्चे के उज्ज्वल स्वास्थ्य की संभावना देखना शुरू कीजिये और कुछ थैले बनाइये, अपने साथ रखिए, अपनी गाड़ी में रखिए, अपनी जेब में रखिए। (Intellectual Disability)
(लेखिका बरेली के एक सरकारी विद्यालय में प्रधानाचार्या हैं और दिव्यांग बच्चों को शिक्षा और समाज की मुख्यधारा में लाने के अपने प्रयासों के चलते माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में भी शामिल हो चुकी हैं।)
Tags: child's intellectual disabilityDeepmala pandeyIntellectual Disability
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

राजीव कुमार

NITI Aayog के वाइस चेयरमैन पद से राजीव कुमार का इस्तीफा, अब सुमन बेरी के हाथों में होगी कमान

4 years ago
Slow Aging Tips

Slow Aging Tips: अपना लीजिए ये 5 हेल्दी आदत, जिंदगी भर फिट रहेगा शरीर

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

Sikh leaders

राजनीति, सेवा और नेतृत्व की अमर विरासत को प्रदर्शित करते भारत के प्रमुख Sikh leaders – डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

February 10, 2026
Sony sab

सुम्बुल ने हाल ही में Sony Sab के धारावाहिक इत्ती सी खुशी में थप्पड़ वाला दृश्य शूट किया

February 10, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)