Kalanwali - थाना कालांवाली में कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Tuesday, March 24, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राज्य हरियाणा

थाना कालांवाली (Kalanwali) में कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को नए कानूनों की जानकारी देकर किया जागरूक

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
July 3, 2024
in हरियाणा
0
Kalanwali

जुलाई से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए है। आमजन को नए कानूनों की जानकारी देने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रीमति दीप्ति गर्ग आई पी एस के मार्गदर्शन में आज थाना कालांवाली में जागरूक्ता कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस दौरान थाना प्रबंधंक इन्स्पैक्टकर चान्द सिंह ने आमजन को नए कानूनों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों के सरपंच, कॉलोनी व गांवों के मौजिज व्यक्ति मौजूद रहें। प्रभारी थाना कालांवाली (Kalanwali) ने कहा कि 1 जुलाई 2024 से देश में भारतीय दण्ड संहिता (IPC), दण्ड प्रक्रिया संहिता (CRPC) व साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहित (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) लागू हो गए हैं।

नए कानूनों बारे सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है और डबवाली पुलिस इसके तहत कार्रवाही कर रही है। रविवार रात 12 बजे से यानी एक जुलाई की तारिख शुरू होने के बाद घटीत हुए सभी अपराध नये कानून के तहत दर्ज किये गये है उन्होंने बताया कि नए कानून में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने लिए एफआईआर से लेकर फैसले तक को समय सीमा में बांधा गया है। शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज करने, जांच पूरी करने, माननीय न्यायालय के संज्ञान लेने, दस्तावेज दाखिल करने और ट्रायल पूरा होने के बाद फैसला सुनाने तक की समय सीमा तय है।

ये भी पड़े– अग्रवाल वैश्य समाज (Vaishya Samaj) के सयुक्त प्रयास से भादरा पार्क सिरसा में पौधरोपण किया

प्रभारी थाना कालांवाली (Kalanwali) ने कहा कि भारतीय दंड संहिता में जहां 511 धाराएं थी वहीं अब भारतीय न्याय संहिता में 358 धाराएं हैं। इसी प्रकार सीआरपीसी में 484 धाराएं थी वहीं अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं हैं, पूर्व में प्रथम सूचना रिपोर्ट सीआरपीसी की धारा 154 के तहत अंकित की जाती थी जो कि अब 1 जुलाई से बीएनएसएस की धारा 173 के तहत अंकित की जा रही है  नए कानून में समयबद्ध न्याय के लिए माननीय न्यायालय व पुलिस के लिए समय सीमा निर्धारित की नए कानूनों के लागू होने पर ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिक से अधिक तीन साल में देना होगा।

महिला विरूद्व अपराध से संबंधित मामलों में 60 दिन के अंदर अंदर जांच पूरी कर माननीय न्यायालय में चालान पेश करना होगा। दोषी द्वारा चालान की प्रति प्राप्त करने उपरांत 60 दिन के अंदर अंदर माननीय न्यायालय में चार्जशीट करना अनिवार्य होगा। नये कानून के अनुसार इलेक्ट्रोनिक्स माध्यम/वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही रिकार्ड की जा सकेगी। मुकदमें में बहस/दलीलें पूर्ण होनें उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा 30 दिन में फैसला देना अनिवार्य होगा व जिससे अधिकतम 45 दिनों की अवधि तक बढ़ाया जा सकता है। अन्य संगीन मामलों में 90 दिन में जांच पूरी कर चालान पेश करना होगा  नए कानून लागू होने पर पुलिस संगीन मामलों में 60 दिन के अंदर अंदर दौबारा से रिमांड ले सकती है।

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

संगठित अपराध जो बार बार अपराध करते है ऐसे मामलों में अब कठोर सजा फांसी, उम्रकैद के साथ साथ कम से कम 10 लाख रूपये जुर्माना होगा। जैसे फिरौती मांगना, साइबर अपराध, किडनैपिंग, जमीनों पर कब्जा करना इत्यादी। संगीन मामलों में पुलिस अब आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी माननीय न्यायालय में पेश सकती हैं। गरीब की जायदा पर जो कब्जा करते है उन पर भी इसमें समयबद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। (Kalanwali)

नए कानून में छोटे अपराध जिनमें 3 वर्ष से कम की सजा है, उनमें आरोपित यदि 60 वर्ष से अधिक आयु का है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए उप पुलिस अधीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य। गंभीर अपराध की सूचना पर घटनास्थल पर बिना विचार करे शून्य एफआइआर दर्ज होगी। इसके अलावा तलाशी अथवा जब्ती की प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा।

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

Tags: HaryanaKalanwaliNew Lawspolice station
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

Mathura

Mathura में सौतेला पिता बना हैवान, अपनी बेटी को बनाया अपनी हवस का शिकार, नशीला पदार्थ खिलाकर किया दुष्कर्म फिर बनाई अश्लील वीडियो|

3 years ago
सामूहिक दुष्कर्म

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में नाबालिग बच्ची के साथ हैवानियत, सामूहिक दुष्कर्म के बाद की हत्या

4 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

Annual Function

Indian National Portage Association’s 13th Annual Function Celebrating Inclusion, Talent, and Empowerment

March 24, 2026
Sourav Ganguly

जैकसन ग्रुप ने Sourav Ganguly के साथ मिलकर सतत विकास की दिशा में बढ़ाया कदम

March 24, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)