शिक्षा के नाम पर गरीबों को बहकाने की स्कीम ‘चिराग (Chirag ): कुमारी सैलजा - Nav Times News
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Friday, February 20, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राज्य हरियाणा

शिक्षा के नाम पर गरीबों को बहकाने की स्कीम ‘चिराग (Chirag ): कुमारी सैलजा

दो महीने की नाममात्र पढ़ाई के बदले निजी स्कूलों को साल भर की फीस का भुगतान क्यों?

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
November 17, 2023
in हरियाणा
0
Chirag

चंडीगढ़,// सिरसा। (सतीश बंसल )अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्य समिति की सदस्य एवं हरियाणा कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन पूरी तरह गरीब विरोधी है। गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के नाम पर चलाई जा रही चिराग (Chirag ) स्कीम सिर्फ इन्हें बहकाने के लिए है, न कि इनके बच्चों के कल्याण के लिए। चिराग स्कीम का फायदा निजी स्कूलों को हो, यही गठबंधन सरकार का मकसद है। इस स्कीम के तहत अब जो छात्र 10वीं व 12वीं कक्षा में दाखिला लेंगे, उनके सामने बोर्ड की परीक्षा देने का संकट खड़ा होने का अंदेशा बन गया है।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि 01 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद 08 महीने बीतने पर चिराग योजना में दाखिले के लिए आवेदन लेना किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं है। जो छात्र अब निजी स्कूलों में चले जाएंगे, वे सत्र के आखिरी महीनों के दौरान किसी भी तरीके से न तो वहां के माहौल में ढल पाएंगे और न ही अपने सिलेबस को पूरा कर पाएंगे। इनके लिए सरकारी स्कूल में कराए गए पाठ्यक्रम और निजी स्कूल में चल रहे पाठ्यक्रम के बीच सामंजस्य बैठाना मुश्किल हो जाएगा।

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों में दाखिले के लिए 24 नवंबर तक आवेदन गरीब परिवारों के बच्चों से मांगे गए हैं, जबकि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 10वीं व 12वीं की परीक्षा के लिए बोर्ड में फॉर्म जमा कराने की अंतिम तिथि 21 नवंबर तय की हुई है। ऐसे में 24 नवंबर तक दाखिले के आवेदन जमा होने पर दाखिला प्रक्रिया में दिसंबर का आधा महीने बीतने की पूरी संभावना है। अगर 10वीं व 12वीं कक्षा में किसी छात्र ने निजी स्कूल में दाखिला ले भी लिया तो उन्हें बोर्ड की परीक्षा देने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। (Chirag )

कुमारी सैलजा ने कहा कि देर से दाखिले होने की सूरत में इन छात्रों की पढ़ाई में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के पास कोई प्लान भी नहीं है। इससे पता चलता है कि सरकार की मंशा इन्हें पढ़ाने की नहीं, बल्कि ओर अधिक पीछे धकेलने की है। सरकार खुद नहीं चाहती कि किसी गरीब परिवार का बच्चा पढ़-लिख कर बड़ा अधिकारी बने, इसलिए सोची-समझी साजिश के तहत इन बच्चों के देरी से दाखिले कराने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब सभी को पता है कि नया शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल से शुरू होता है तो फिर इनके दाखिले मार्च महीने के अंतिम सप्ताह या फिर अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में ही क्यों नहीं करवाए गए। सत्र में अंत में दाखिले कराने से साफ है कि सरकार तीन महीने की पढ़ाई के बदले निजी स्कूलों को पूरे साल की फीस का भुगतान कर उन्हें मोटा मुनाफा कमाना चाहती है।(Chirag )

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

उन्होंने कहा कि शिक्षा पर सबका समान अधिकार है लेकिन दुर्भाग्यवश देश-प्रदेश में ऐसे गरीब परिवार के बच्चे है जो कि आर्थिक मजबूरियों के कारण या तो अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते या फिर उनकी शिक्षा पैसों की तंगी के कारण बीच में ही छूट जाती है। इसके अलावा कई ऐसे गरीब परिवार के बच्चे है जो कि आर्थिक तंगी के कारण निजी स्कूलों में पढ़ाई भी नहीं कर पाते है और एक बेहतर भविष्य पाने की राह में पीछे रह जाते है। सरकार का दावा है कि इस समस्या के समाधान के लिए उसने हरियाणा चिराग योजना को शुरू किया है। ऐसी योजना का क्या लाभ जो कागजों तक सीमित हो।   इसका लाभ जिन्हें मिलना चाहिए था उन्हें न मिलकर निजी शिक्षण संस्थानों को मिल रहा है, अगर सरकार इसकी निगरानी करती तो पात्र बच्चों को इसका लाभ जरूर मिलता पर सरकार की नीयत में पहले से ही खोट था।  ये जनता है सब जानती है और आने वाले चुनाव में अपने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली सरकार से बदला जरूर लेगी। (Chirag )

ये भी पड़े-कांडा की मदद से गदगद दिखा GMSP School जेजे कालोनी का स्टाफ

Tags: Chirageducation schemeKumari Selja
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

Sapna

छात्रा Sapna ने आल इंडिया इनटर यूनिवर्सिटी सर्कल कबड्डी खेल में द्वितीय स्थान प्राप्त किया

11 months ago
South Korea Incident

जहां जश्न हो रहा था, वहां मुर्दाघर बनाना पड़ा, हैलोवीन का त्योहार चीख-पुकार में बदल गया.

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

ICC T20 World Cup

Top 4 Favourites to Win ICC T20 World Cup 2026: India, South Africa, England & Afghanistan Lead the Race

February 19, 2026
M3M India

M3M India-Big Billion Property Sale Returns with Rs. 25,000 Crore Inventory Across Gurugram, Noida and Panipat

February 19, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)