दिवा और जीत Adani ने दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई अपनी शादी
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Wednesday, March 4, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home व्यापार

दिवा और जीत Adani ने दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई अपनी शादी की पहली सालगिरह

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
February 6, 2026
in व्यापार
0
Adani

5 फरवरी, 2026, अहमदाबाद,गुरुवार शाम को शांतिग्राम में बेल्वेडियर क्लब का लॉन सेवा के एक अनूठे भाव का साक्षी बना। यह संतुष्टि का एक पल आया, अदाणी (Adani) मंगल सेवा की शुरुआत के एक साल पूरे होने पर।यह अवसर दिवा और जीत अदाणी के अपने विवाह के दिन 7 फरवरी 2025 से पहले लिए गए एक खास निर्णय की याद दिलाता है। यह निर्णय था व्यक्तिगत जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव को उद्देश्यपूर्ण बनाने और सेवा भाव से प्रेरित होकर समारोह मनाने का। यह आयोजन महज़ एक यादगार पल से कहीं बढ़कर था, जिसने इस बात की पुष्टि कर दी कि चुपचाप किया गया वादा पूरी तरह निभाया गया है।

जो प्रयास एक व्यक्तिगत संकल्प के तौर पर शुरू हुआ था, वह एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम में विकसित हो चुका है। यह कार्यक्रम हर साल 500 दिव्यांग महिलाओं को गरिमा, स्वतंत्रता और जीवन की निरंतरता प्रदान करता है।अदाणी मंगल सेवा की इस पहल के तहत 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान की गई। विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड रखने वाली लाभार्थी महिलाओं को यूथ फॉर जॉब्स प्रोजेक्ट के तहत चिन्हित किया गया है। अदाणी मंगल सेवा में हर लाभार्थी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ साझेदारी में 10 लाख रुपये की सावधि जमा (एफडी) मिलती है। यह पहल एक निश्चित मासिक आय सुनिश्चित करती है। 10 साल के बाद मूलधन लाभार्थी को मिल जाता है। इसके जरिए एकमुश्त सहायता के बजाय लंबे वक्त की वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध होती है।

यह कार्यक्रम के तहत हर साल 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया गया है। इस पहल को जारी रखने के लिए हर साल 50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।मंगल सेवा अदाणी समूह के संस्थापक और चेयरमैन श्री गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के मूल मंत्र को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। यानी सेवा निरंतर, अनुशासित और जिम्मेदारी से जुड़ी होनी चाहिए, न कि केवल प्रतीकात्मकता। इस दर्शन ने सेवा की पहल को एक खास रूप प्रदान किया है जिससे एक पारिवारिक प्रयास सतत सामाजिक प्रतिबद्धता में परिवर्तित हो गया है।

शाम का कार्यक्रम बेहद सौम्य और स्नेहिल माहौल में संपन्न हुआ। लाभार्थी और उनके परिवार समूहों में पहुंच। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और चिंतन से हुई, जिसके बाद एक प्रस्तुति दी गई जिसमें अदाणी मंगल सेवा के मूल सिद्धांत को दोहराया गया कि समृद्धि का अर्थ तभी है जब वह दूसरों के लिए भी स्थायी अवसर सृजित करती है।शाम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब लाभार्थियों में एफडी प्रमाणपत्र बांटे गए। जिन्हें प्रमाण पत्र मिला उनके चेहरे पर संतुष्टि और सुरक्षा का भाव साफ झलक रहा है। अहमदाबाद के नेत्रहीन संघ द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, जैसे गरबा और फ्यूजन संगीत ने समा बांध दिया।

इस मौके पर खुशी जाहिर करते हुए गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा –
जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। इस सुखद अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज के ही दिन पिछले वर्ष उन्होंने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया, जो आज भी उसी समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है। यह मेरे लिए अत्यंत संतोष और कृतज्ञता का विषय है।

समय के साथ इस प्रयास ने अनेक परिवारों के जीवन में सम्मान और नई उम्मीद के साथ एक नई शुरुआत का अवसर दिया है। सच कहूं तो, जब किसी बेटी के जीवन में मुस्कान और आत्मविश्वास लौटता है, उस क्षण का संतोष ऐसा होता है, जिसके आगे दुनिया की बड़ी से बड़ी उपलब्धि और वैभव भी छोटे लगते हैं।एक पिता के रूप में मैं स्वयं को धन्य महसूस करता हूँ कि मेरे बच्चे अपनी खुशियों के साथ अनेक परिवारों के जीवन में भी आशा और मुस्कान जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

मेरी प्रभु से यही प्रार्थना है कि सेवा का यह भाव आगे भी अनेक परिवारों के जीवन में सुख, सम्मान और नई आशा लेकर आता रहे, और जीत व दिवा इस मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहें।‘मौजूद लाभार्थियों और मेहमानों को संबोधित करते हुए, अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि“आज का दिन मेरे लिए अत्यंत भावपूर्ण और गर्व से भरा हुआ है। हम यहां केवल एक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा, आशा, सपनों और सशक्तिकरण का सम्मान करने के लिए एकत्रित हुए हैं। अदाणी मंगल सेवा की प्रेरणा एक सरल लेकिन गहन विचार से जन्मी है। वह विचार है कि व्यक्तिगत आनंद का सर्वोच्च अर्थ तब मिलता है जब उसे सामूहिक कल्याण के लिए साझा किया जाता है।

जब जीवन हमें सुख के क्षणों से नवाजता है, तो उस सुख को समाज तक बांटना ही सच्ची सेवा है। इसीलिए अदाणी मंगल सेवा मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मात्र एक कार्यक्रम नहीं है। यह एक भावना है। यह एक विश्वास है कि प्रत्येक महिला अपने भीतर असाधारण शक्ति रखती है। दिव्यांग होना कोई अड़चन नहीं है। यह जीवन को लचीलेपन, साहस और एक अलग दृष्टिकोण से देखने की क्षमता है। यहां बैठी प्रत्येक बहन उस शक्ति का जीता-जागता प्रमाण है।”

इस मौके पर बोलते हुए जीत अदाणी ने कहा, “मंगल सेवा ने हमें सिखाया है कि कभी-कभी सबसे बड़ा सहयोग वह होता है जो खामोशी से मिलता रहता है – स्थिर, भरोसेमंद और सम्मानजनक। हमारे लिए यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे हम एक बार पूरा करके आगे बढ़ जाएं। यह एक जिम्मेदारी है जिसे हम निभाते रहेंगे।”
दिवा अदाणी ने कहा, “अदाणी मंगल सेवा एक विश्वास पर आधारित है। यह विश्वास कि सुरक्षा स्थायी होनी चाहिए। यह विश्वास कि गरिमा कभी भी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।”

कार्यक्रम के दौरान, श्री गौतम अदाणी ने Adani मंगल सेवा की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया, जिसमें बदलाव की यात्राएं संकलित हैं, जो संघर्ष और सफलता की कहानी कहती हैं। शाम का समापन एक सामूहिक रात्रिभोज के साथ हुआ।
अदाणी मंगल सेवा ने अपना पहला वर्ष पूरा किया और इस बात का प्रमाण दिया कि जब उद्देश्य को अवसर से अधिक महत्व दिया जाता है, तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान किए गए व्यापक सेवा कार्यों से लेकर पिछले वर्ष पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को सहयोग देने तक, मूलमंत्र समान रहा है: सच्ची समृद्धि सेवा में है और गरिमा, उद्देश्य और निरंतरता के साथ की गई सेवा स्वयं भक्ति का एक रूप बन जाती है।

Advertisement – Accounting Partner –Accutech , Publicity Partner- BDRINGESTA , Branding Partner – Ayuvista,Best Acting Classes Near me-  MS Asian Film Academy , Supported by Nav Times News , Powered by MSasian Entertainment , Pickle Partner- Foodco , Hospitality Partner – Health Mark Food 

Tags: Adanidifferently-abled womenDiva and Jeet Adanifirst wedding anniversary
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

Modi

यहां चूके मोदी (Modi) – अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

2 years ago
National Gold Medalist

Sirsa : नैशनल गोल्ड मैडलिस्ट प्रियंका सिहाग का टीम BKE ने किया स्वागत|

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

समग्र शिक्षा अभियान

समग्र शिक्षा अभियान के दफ्तरी कर्मचारी प्रदर्शन पे

March 3, 2026
Ahmedabad University

Ahmedabad University Reimagines the MBA for New-Age Roles in a Connected Global Economy

March 3, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)