CavinKare Ability Awards 2026- गुरूग्राम, फरवरी, 2026: बाधाओं को पार कर परिवर्तन की प्रेरक कहानियों का जश्न मनाते हुए, कैविनकेयर ने एबिलिटी फाउंडेशन के साथ मिलकर 24वें कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। देश भर के विभिन्न क्षेत्रों से पाँच असाधारण विकलांग उपलब्धि-धारकों को सम्मानित किया गया। यह ऐतिहासिक समारोह उन प्रेरक व्यक्तित्वों को सामने लाया, जिनकी यात्राओं ने सोच की सीमाओं को बदला और सार्थक सामाजिक परिवर्तन को गति दी।
विश्व कप विजेता दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम की कप्तान दीपिका टी.सी. और केरल की पहली दृष्टिबाधित न्यायाधीश बनने जा रहीं तान्या नाथन के साथ कई गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उपस्थित सभी अतिथियों ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया और जीवन के सभी क्षेत्रों में समावेशन के महत्व को पुनः रेखांकित किया।सभी गणमान्य अतिथियों ने पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया और समावेशन तथा समानता के प्रति अपने समर्थन और प्रतिबद्धता को पुनः दृढ़ किया। वर्ष 2023 के ‘सा रे गा मा पा’ संगीत रियलिटी शो के विजेता पुरुषोत्तमन तथा सुप्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार अभिनया शेनबगराज ने अपनी टीम के साथ भावपूर्ण संगीत प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति के दौरान सांकेतिक भाषा की व्याख्या ने कला के क्षेत्र में पूर्ण समावेशन के संदेश को और सशक्त किया।
वर्ष 2003 में स्थापित, कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स ने पिछले वर्षों में देश भर के 100 से अधिक अनुकरणीय विकलांग व्यक्तियों को समाज में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मान्यता दी है और सम्मानित किया है। पुरस्कार दो विशिष्ट श्रेणियों के अंतर्गत प्रदान किए जाते हैं: कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड फॉर एमीनेंस, जो ऐसे विकलांग व्यक्ति को सम्मानित करता है, जिसने एक ऐसे संगठन की स्थापना की हो, जिसने समाज पर परिवर्तनकारी और दीर्घकालिक प्रभाव डाला हो; और कैविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवॉर्ड्स, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता, विशिष्टता और नेतृत्व का प्रदर्शन करने वाले विकलांग व्यक्तियों को सम्मानित करते हैं। ये दोनों श्रेणियाँ दूरदर्शी संस्थान-निर्माताओं तथा उन विकलांग व्यक्तियों का सम्मान करती हैं, जिनकी उपलब्धियाँ भारत में योग्यता और उत्कृष्टता के प्रति धारणाओं को निरंतर नए रूप में परिभाषित कर रही हैं। ( CavinKare Ability Awards 2026)
इस वर्ष के पुरस्कार विजेता शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, कानून, प्रौद्योगिकी, कला और नागरिक सहभागिता जैसे विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ सामाजिक धारणाओं को चुनौती दी है और परिवर्तन के सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं।सभी बाधाओं को पार कर उपलब्धियाँ हासिल करने वाले इन व्यक्तियों का चयन विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से युक्त एक सम्मानित जूरी पैनल द्वारा किया गया। इस वर्ष की जूरी में शामिल थे: लेफ्टिनेंट जनरल अरुण अनंतनारायणन, पीवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त); डॉ. विनोद सुराना, मैनेजिंग पार्टनर एवं सीईओ, सुराना और सुराना इंटरनेशनल अटॉर्नी; डॉ. मारियाज़ीना जॉनसन, चांसलर, सत्यबामा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी; श्री मदन कार्की, गीतकार एवं पटकथा लेखक; और श्री लक्ष्मीनारायणन दुरैस्वामी, मैनेजिंग डायरेक्टर, सुंदरम होम फाइनेंस लिमिटेड।
इस अवसर पर कैविनकेयर प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सी.के. रंगनाथन ने कहा, “यह देखना अत्यंत प्रेरणादायक है कि विकलांग व्यक्ति किस प्रकार सीमाओं से ऊपर उठकर उत्कृष्टता को नए अर्थ दे रहे हैं और अपनी उपलब्धियों के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं। इन योग्य पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करके हम उन यात्राओं को मान्यता देते हैं, जो व्यक्तिगत उपलब्धियों से आगे बढ़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की लहर पैदा करती हैं और समावेशन पर संवाद को मज़बूत करती हैं। कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स साहस, दृढ़ संकल्प और असाधारण प्रतिभा का उत्सव हैं। हमें उन कहानियों को सामने लाने पर गर्व है, जो धारणाओं को चुनौती देती हैं और समुदायों को नई सोच के लिए प्रेरित करती हैं। यह पहल ऐसे समाज के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहाँ क्षमता को कभी-भी धारणा से सीमित नहीं किया जाता।” ( CavinKare Ability Awards 2026)
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए, एबिलिटी फाउंडेशन की संस्थापक एवं मानद कार्यकारी निदेशक सुश्री जयश्री रविंद्रन ने कहा, “24 उल्लेखनीय वर्षों से हमें विकलांग व्यक्तियों की वास्तविक क्षमता को उजागर करने का सौभाग्य मिला है, यह यात्रा अत्यंत संतोषजनक रही है। हर वर्ष हम अपने मिशन के गहरे प्रभाव को देखते हैं, जब हम बाधाएँ तोड़ने और परिवर्तन की प्रेरणा देने वालों को सम्मानित करते हैं। नामांकन से लेकर चयन तक, हमारे सम्मानित जूरी सदस्यों को आने वाली चुनौतियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि हर साल हमें कितने उत्कृष्ट नामांकन प्राप्त होते हैं। प्रत्येक नामांकन अपनी अनूठी कहानी लेकर आता है और विकलांगता क्षेत्र में विकास व सफलता की संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। आगे भी, विकलांग व्यक्तियों को सशक्त और शामिल करने की हमारी प्रतिबद्धता अटल रहेगी। हम उन आवाज़ों को आगे बढ़ाते रहेंगे, जिन्हें सुना जाना चाहिए, ताकि एक अधिक समावेशी भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके।”
कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 के पुरस्कार विजेता
कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स स्पेशल रिकग्निशन अवॉर्ड:
सुनील जैन, बेंगलुरु, कर्नाटक
सुनील जैन आस्था के संस्थापक ट्रस्टी और चीफ एनेबलर हैं। यह संस्था विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, नागरिक सहभागिता तथा खेल और कला तक पहुँच को बढ़ावा देती है। वे इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के फेलो हैं और कर, ऑडिट व कॉर्पोरेट कंसल्टिंग में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखते हैं। उनके प्रारंभिक जीवन का एक बड़ा हिस्सा पोलियोमायलाइटिस के कारण हुई शारीरिक विकलांगता से जुड़े लंबे चिकित्सीय उपचारों में बीता, जिसने उनके भीतर गरिमा, सहभागिता और ऊँचे लक्ष्यों के प्रति गहरी प्रतिबद्धता विकसित की। वर्ष 2007 में स्थापित आस्था, करियर मेंटरिंग कार्यक्रमों और इंडियन व्हीलचेयर टेनिस टूर जैसे कई उपक्रम चलाती है। उनके कार्य को कर्मवीर चक्र सम्मान तथा इंडिया इन्क्लूजन फेलो के रूप में मान्यता मिली है और वे शिक्षा, खेल तथा सार्वजनिक जीवन में समावेशी सोच को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स फॉर एमीनेंस: ( CavinKare Ability Awards 2026)
डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, गुरुग्राम, हरियाणा
डॉ. जितेंद्र अग्रवाल सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक और मार्गदर्शक हैं, जो भारत भर में विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने के लिए कार्य करते हैं। मैक्यूलर डिजनरेशन के कारण दृष्टि खोने के बाद उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस प्रकार व्यवस्थाएँ अक्सर विकलांग व्यक्तियों को मुख्यधारा के अवसरों से बाहर कर देती हैं। सार्थक के माध्यम से, उन्होंने प्रारंभिक सहयोग से लेकर कौशल विकास और रोजगार तक स्पष्ट मार्ग तैयार करने में सहायता की है, नियोक्ताओं के साथ मिलकर भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक समावेशी बनाने के लिए कार्य किया है तथा कार्यस्थल के दोनों पक्षों में विश्वास और आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया है। उनका कार्य विकलांग बच्चों, डिजिटल पहुँच तथा सीखने, शोध और सहयोग के लिए साझा मंचों के निर्माण पर भी केंद्रित रहा है, जिसका व्यापक उद्देश्य गरिमा, स्वतंत्रता और समाज में निरंतर सहभागिता को बढ़ावा देना है।
कैविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवॉर्ड्स:
अरिवुराजा थंगवेलु, कट्टुमन्नार कोविल, तमिलनाडु
अरिवुराजा थंगवेलु एक ऐसे उद्यमी हैं, जिन्होंने वर्षों से उन लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं, जो आमतौर पर नौकरी के औपचारिक क्षेत्र से बाहर रह जाते हैं। वे पोलियो के कारण हुई विकलांगता के साथ जीवन जीते हैं, जिसने सुगमता, काम और स्वतंत्रता के प्रति उनके दृष्टिकोण को आकार दिया है।
मैप आईटी सॉल्यूशंस के माध्यम से, उन्होंने ड्रोन सर्वेक्षण, मैपिंग और डिजिटल सेवाओं पर कार्य करने वाला एक प्रौद्योगिकी-आधारित संगठन स्थापित किया है, साथ ही विकलांग व्यक्तियों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। बिना किसी पूर्व अनुभव के उनके संगठन में कार्य प्रारंभ करने वाले अनेक लोग आज प्रत्यक्ष परियोजनाओं, ग्राहक समन्वय और तकनीकी कार्यों को सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं।
उनका मुख्य ध्यान स्थिर रोजगार, कौशल विकास और लोगों में जिम्मेदारी लेने तथा आत्मविश्वास के साथ स्वयं आगे बढ़ने की क्षमता विकसित करने पर रहा है। ( CavinKare Ability Awards 2026)
शिव कुमार शर्मा, चंडीगढ़, पंजाब
शिव कुमार शर्मा चंडीगढ़ में विकलांग अधिकारों के क्षेत्र में कानूनी जागरूकता, रंगमंच और फिल्म के माध्यम से कार्य करते हैं। राज्य विधिक सेवा परामर्शदाता के रूप में, वे ऐसे कार्यक्रम संचालित करते हैं, जो विकलांग व्यक्तियों को कानूनों और सरकारी सहायता के बारे में जानकारी देते हैं। वे रंगमंच और सिनेमा में भी सक्रिय हैं, और भारत की पहली बहु-समावेशी हिंदी फीचर फिल्म “रब दी आवाज़” में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं।
शिव जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं और उनका अपना जीवन अनुभव उन्हें लोगों और उनकी चिंताओं से सहजता से जुड़ने में मदद करता है। उन्होंने रोटारैक्ट पॉजिटिव एबिलिटी क्लब की सह-स्थापना की है और “डिनर इन द डार्क” जैसे कार्यक्रमों का नेतृत्व करते हैं, जो आमजन को दृष्टिबाधा को समझने में मदद करते हैं तथा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियों को समर्थन प्रदान करते हैं।
चंद्र मौली द्वारापुरेड्डी, नरसीपट्टिनम , आंध्र प्रदेश ,चंद्र मौली द्वारापुरेड्डी ने अपना बीटेक पूरा ही किया था कि 21 वर्ष की आयु में हुई एक विद्युत दुर्घटना के कारण उनके दोनों हाथ और पैर अम्प्यूट करने पड़े। इसके बाद के महीनों ने धैर्य, साहस और मानसिक दृढ़ता की माँग की। छह महीनों के भीतर ही उन्होंने कृत्रिम अंगों का उपयोग शुरू कर दिया और अध्ययन, काम तथा स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के नए तरीके खोज लिए। ( CavinKare Ability Awards 2026)
उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ फिर से पढ़ाई शुरू की, कानून की डिग्री पूरी की, सीएटी परीक्षा उत्तीर्ण की और आगे चलकर आईआईएम अहमदाबाद में अध्ययन किया। उन्होंने अमेज़न के साथ कार्य किया है और वर्तमान में एक्सेंचर से जुड़े हुए हैं। अपने पेशेवर कार्य के साथ-साथ, वे विकलांग छात्रों और पेशेवरों से निरंतर जुड़े रहते हैं और उनके साथ वे बातें साझा करते हैं, जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की, जिसमें स्पष्ट सोच, निरंतर प्रयास, और कर्म के माध्यम से अपने जीवन को स्वयं आकार देने की आस्था शामिल हैं।
Advertisement – Accounting Partner –Accutech , Publicity Partner- BDRINGESTA , Branding Partner – Ayuvista,Best Acting Classes Near me- MS Asian Film Academy , Supported by Nav Times News , Powered by MSasian Entertainment , Hospitality Partner – Health Mark Food





