Himachal - हिमाचल के सेब किसानों की बेहतरी में निजी कंपनियों के योगदान
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Thursday, March 5, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home व्यापार

Himachal के सेब किसानों की बेहतरी में निजी कंपनियों के योगदान को निशाना बनाना राजनीति से प्रेरित!

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
June 4, 2024
in व्यापार
0
Himachal

आपकी सेहत का ख्याल रखने वाले सेबों की हालत इस सीजन भी नाजुक बनी हुई है। हिमाचल (Himachal) प्रदेश के कई हिस्सों में अप्रैल-मई के दौरान हुई अप्रत्यासित बारिश और ओलावृष्टि ने सेब बागबानों की चिंता बढ़ा रखी है। हालांकि कम पैदावार, मुनाफे और पिछले सीजन की भरपाई की चिंता के साथ बागबानों की समस्या केवल मौसम ही नहीं बल्कि राजनीतिक व निजी लाभों से जुड़े तथाकथित अभियान भी हैं, जो कभी जमीनी स्तर तो कभी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के सेब बाजार में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को लेकर भ्रामक जानकारियों का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं।

रोहड़ू, जुब्बल, कोटखाई, कोटगढ़ और राजधानी शिमला के अलावा, सेब की अधिकांश खेती कुल्लू, मंडी, लाहौल, स्पीति, किन्नौर व चंबा जिलों में केंद्रित है। यहां के सेब कारोबार से 20 लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर रूप से जुड़े हुए हैं। हाजिर तौर पर सेब न केवल हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है,

 ये भी पड़े– स्थानीय प्रेसवाले भी बनें सशक्त ; इस उद्देश्य से जयपुर में इस्त्री (Ironing) प्रोजेक्ट लॉन्च

बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का एकमात्र स्त्रोत भी हैं, लेकिन लगभग 2 दशक से किसानों के लिए बेहतर सौदे और अधिक अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रहीं निजी कंपनियों के खिलाफ जारी बेबुनियादी मुहिमों ने एक बार फिर किसानों के संकट को बढ़ाने का काम किया है। जिसका नुकसान न केवल इन कंपनियों और किसानों को झेलना पड़ेगा बल्कि मंडियों को संचालित करने वाले आढ़तियों, सेब के आवागमन से जुड़े ट्रांसपोर्टर्स आदि को भी उठाना पड़ेगा। (Himachal)

बेहतर सुविधा और अच्छा लाभ देने में सफल निजी प्लेयर्स

हिमाचल प्रदेश के वर्तमान हालत को ध्यान में रखते हुए प्रति बॉक्स पर 800-1000 रूपए तक का नुकसान आंका गया है, यानि 40-50 रूपए प्रति किलो के हिसाब से सेब कृषकों को हानि होने की आशंका है। वहीं पिछले साल बाढ़ के कारण प्रदेश की आधी से ज्यादा फसल बर्बाद हो गयी थी। किसानों की कमाई लागत से भी कम रही थी।

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

ऐसे में निजी कंपनियों द्वारा हर साल की तरह मंडियों के विपरीत परामर्श प्रक्रिया का आयोजन कर, सेबों के मूल्यों से सम्बंधित हर विषय पर विचार किया गया था और मंडियों की तुलना में अधिक मूल्य पर सेब की खरीदी की गई थी। जहां पहले, किसानों को अपनी उपज कम दामों में बेचने के लिए मजबूर किया जाता था, वहीं अब उन्हें प्रति किलो के हिसाब से अच्छा दाम मिलता है। नतीजतन प्रदेश में पिछले साल राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मंडियों में करीब 88 लाख 92 हजार और मंडियों के बाहर 89 लाख 66 हजार पेटियों का कारोबार हुआ था। (Himachal)

पारदर्शिता के साथ सुविधा और सहायता

सेब की खरीद और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। किसान अपनी आंखों के सामने सेबों की छंटाई देख सकते हैं और सीधे ऑनलाइन भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं निजी कंपनियां किसानों को परिवहन, उर्वरक और बागवानी सहायता प्रदान करती हैं। इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर प्रबंधन करने और अधिक पैसा कमाने में मदद मिलती है। वहीं जहां पहले, किसान मध्यस्थों पर निर्भर थे और उन्हें नकद भुगतान में देरी का सामना करना पड़ता था। अब, वे पूर्ण रूप से स्वतंत्र हैं कि वे किसे अपना सेब बेचना चाहते हैं। किसानों के पास सैकड़ों ट्रेडर्स, कमीशन एजेंट्स और मिडिल मैन होते हैं, और किसान अब अपनी फसल किसी को भी देने के लिए आजाद हैं।

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

सरकारी नीतियां और निजी कंपनियां

हालांकि एक सच यह भी है कि कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जैसे कि मूल्य में उतार-चढ़ाव और अनुबंधों की जटिलता। जिसके लिए सरकारी तंत्र लगातार काम कर रहा है. सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन के नियम को लागू कर दिया है, जिससे बागवान पेटी में अब अधिकतम 24 किलो ही भर सकेंगे। इससे पहले बिचौलियों के दबाव में सेब बागवानों को एक पेटी में कभी 28 तो कभी 30 किलो सेब रखने पड़ते थे। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि निजी कंपनियों का लक्ष्य लाभ कमाना है। (Himachal)

लेकिन, जब वे किसानों को बेहतर सौदे और अधिक अवसर प्रदान करते हैं, तो यह सभी के लिए फायदेमंद होता है। यह कहना गलत होगा कि निजी कंपनियां हिमाचल प्रदेश के सेब बाजार पर कब्जा कर रही हैं और किसानों का शोषण कर रही हैं। वास्तव में, वे किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने में मदद कर रही हैं।

Tags: apple farmersGovernmentHimachalsocial media
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

cyber crime

*जिला पुलिस ने आमजन व स्कूली बच्चों को साइबर क्राइम (Cyber Crime) के बारे में जागरुक किया।

2 years ago
National Convention

सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन आज, अखिलेश यादव की तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष पर होगी ताजपोशी

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

SBTi Calls for Wider Adoption to Build Resilient Food Systems in the Global South

SBTi Calls for Wider Adoption to Build Resilient Food Systems in the Global South

March 5, 2026
BMC Helix Brings Together Top GSI Partners for SPEX 2026 in Phuket

BMC Helix Brings Together Top GSI Partners for SPEX 2026 in Phuket

March 5, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)