Retinal : आंखों की रोशनी छीन सकती हैं रेटिनल बीमारियां
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Friday, February 20, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home लाइफस्टाइल

आंखों की रोशनी छीन सकती हैं रेटिनल (Retinal) बीमारियां

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
September 25, 2022
in लाइफस्टाइल
0
Retinal

नई दिल्ली। (Retinal) रेटिनल बीमारी: महामारी ने लोगों को एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के प्रति जागरूक किया है। लेकिन फिर भी सेहत से जुड़ी ऐसी कई चीज़ें हैं जिस ओर इतना ध्यान नहीं देते, जिसमें से एक है रेटिनल बीमारी। रेटिनल बीमारी किसी को उम्र में हो सकती है। जागरूकता की कमी के चलते लोगों में इन बीमारियों की पहचान तब होती है, जब उसके लक्षण गंभीर हो जाते हैं।

एज-रिलेटेड मैकुअलर डिजनरेशन (एएमडी) और डायबिटिक रेटिनोपैथी (डीआर) जैसे रोग देखने की शक्ति को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं या आंखों की रोशनी कम होने (विजन लॉस) का कारण बन सकते हैं। अगर इनका सही समय पर इलाज न किया जाए तो।

एएमडी सेंट्रल विजन को प्रभावित करता है और बूढ़े लोगों में ज्यादातर देखने को मिलता है। डीआर रेटिना की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर डायबिटीज मरीजों में स्थायी अंधापन या आंखों की रोशनी कम होने का कारण बनता है। (Retinal)

ऑफ्‍थैल्मोलॉजी के प्रोफेसर, वरिष्ठ सलाहकार, चेयरमैन और चिकित्सा निदेशक डॉ महिपाल सचदेव कहते हैं, “जब रेटिना के स्वास्थ्य की बात आती है, तो शुरुआत से ही बचाव उपायों को शामिल करना महत्वपूर्ण है। 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित रूप से डाइलेटेड जांच करानी चाहिए। कोई भी एम्सलर ग्रिड को देख सकता है। यह सीधी रेखाओं का एक पैटर्न जो आपकी दृष्टि की जांच करने के लिए एक चेक की तरह है। यदि रेखाएं आपको लहरदार लगती हैं या उनमें से कुछ गायब हैं, तो यह मांसपेशियों के नुकसान का संकेत हो सकता है। एआरएमडी से जुड़े जोखिम कारक बढ़ती उम्र, आनुवंशिक कारक और धूम्रपान हैं। मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी के मामले में, ब्‍लड ग्‍लूकोज और ब्‍लड प्रेशर के स्तर को सख्ती से नियंत्रित करना चाहिए जो बीमारी को बढ़ने से रोकते हैं।’’

(Retinal) रेटिनल स्वास्थ्य के लिए बचाव के उपाय

विजन लॉस उम्र बढ़ती उम्र के साथ होने वाली आम समस्या नहीं है और इसे अच्छी तरह से प्रबंधित किया जा सकता है। हेल्दी डाइट, लाइफस्टाइल और समय-समय पर जांच कराते रहने से रेटिनल बीमारियों से बचे रहा जा सकता है।

● आंखों से संबंधित बीमारियों के बारे में जागरुकता

उन बीमारियों से अवगत रहें जो आपको प्रभावित कर सकती हैं और उन्हें कैसे रोका जा सकता है। अगर आप किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, तो यह जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें कि क्या यह आपके रेटिना को प्रभावित कर सकता है और कैसे नुकसान को रोकने के लिए इसे बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकता है।

● समय-समय पर आंखों की जांच

नियमित रूप से आंखों की जांच करवाते रहें। यह बीमारियों को रोकने या उसके शुरुआती स्टेज का पता लगाने में मदद कर सकता है जिससे आप बेहतर ढंग से इसे मैनेज कर सकें और विजन लॉस को रोक सकें।

● इलाज का पालन करना

केवल एक विशेषज्ञ ही यह निर्धारित कर सकता है कि आपको आंखों को हाइड्रेट रखने के लिए बूंदों की जरूरत है या उन्नत एएमडी के लिए लेजर थेरेपी की। इसलिए, बेहतर नतीजों के लिए डॉक्टर से संपर्क करें और आप सुझाए गए इलाज का पालन करें।

● संतुलित आहार लेना

पालक, केला और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ, आपके आंखों के पुराने रोगों के जोखिम को कम कर सकते हैं। विटामिन सी, जो बहुत सारे फलों और सब्जियों में होता है, उम्र से संबंधित विजन लॉस की प्रगति को धीमा कर सकता है। अलसी, चिया सीड्स, अखरोट और मछली जैसे स्रोतों से प्राप्त ओमेगा-3 फैटी एसिड आपके रेटिना के समुचित कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो आपके मस्तिष्क को विजुअल संदेश भेजता है। (Retinal)

आंखों की रोशनी कम होने से रोकने या अंधेपन को रोकने का आपका सबसे अच्छा मौका जागरूक होना और अपनी आंखों की देखने की क्षमता की रक्षा करना है। यदि आपके पास पुरानी बीमारियों का पारिवारिक इतिहास है या आप बीमारियों से ग्रस्त हैं, तो नियमित रूप से अपनी आंखों की जांच करवाएं।

Tags: how to avoid retinal diseaseretinal diseasesretinal diseases preventionWorld Retina Day 2022
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

Water

Sirsa : पार्क में पक्षियों के लिए वितरित किए पानी के सकोरे|

3 years ago
Drug addict father

पंजाब में नाबालिक बेटी को बेचने जा रहा था नशेड़ी पिता, भाई ने रोका तो उसपर किया जानलेवा हमला

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
Phone : +91 7837667000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

ICC T20 World Cup

Top 4 Favourites to Win ICC T20 World Cup 2026: India, South Africa, England & Afghanistan Lead the Race

February 19, 2026
M3M India

M3M India-Big Billion Property Sale Returns with Rs. 25,000 Crore Inventory Across Gurugram, Noida and Panipat

February 19, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)