• About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Wednesday, April 22, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राष्ट्रिय

फायदेमंद गरीबी -अतुल मलिकराम (Atul Malikram) लेखक और राजनीतिक रणनीतिकार

एक समय था जब स्वयं को गरीब बताना हीन भावना को जन्म देता था लेकिन अब स्वयं को गरीब दर्शाना फायदेमंद हो गया है

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
October 10, 2024
in राष्ट्रिय
0
Atul Malikram

Atul Malikram – स्वतंत्रता के बाद देश में जातिगत भेदभाव और गरीबी से उत्थान के लिए छात्रवृत्ति, अनुदान और विभिन्न योजनाओं इत्यादि के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं लागू कीं, ताकि पिछड़े वर्ग के लोगों को भी समान अवसर मिल सके। समय के साथ देश ने विकास किया तो नागरिकों का भी विकास हुआ और लोग गरीबी रेखा से निकलकर आर्थिक रूप से सक्षम होने लगे। हालांकि सरकार ने कुछ नियम और शर्तें के साथ आर्थिक सहायता को जारी रखा, ताकि जरुरतमंदों को सहयोग मिलता रहे लेकिन जो आर्थिक रूप से सक्षम हो गए हैं उनका क्या? जो हर प्रकार से सुखमय जीवन यापन कर रहे हैं, उन्हें अब सरकार के आर्थिक सहयोग की क्या जरुरत? क्या उनके लिए इन योजनाओं को अब रोक नहीं दिया जाना चाहिए? ऐसा सिर्फ इसलिए ताकि गरीबी-अमीरी के अंतर को ख़त्म किया जा सके।

चूँकि गरीबी को पाटने की सरकारी योजनाओं से यह अंतर कम होना तो दूर उल्टा बढ़ता ही जा रहा है। अमीर और अमीर हो रहे हैं और गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। इसका एक कारण यह है कि हर प्रकार से सक्षम होने के बावजूद भी लोग गरीबी का झूठा दावा करके आर्थिक मदद और अन्य सहायता ले रहे हैं। चाहे फिर इसके लिए झूठे कागज बनवाना पड़े या अपनी पहचान का फायदा लेना पड़े। वे हर प्रकार की तरकीब अपनाने को तैयार हैं। लेकिन जो सच में जरूरतमंद हैं, उन्हें इन योजनाओं की या तो जानकारी नहीं है या वे कागजी दांवपेंच और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने में ही इतने फंस जाते हैं कि योजनाओं का लाभ लेना उन्हें सपना ही लगने लगता है।

ये भी पड़े– कांशीराम की पुण्यतिथि पर अपना दल (एस) मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) ने इंदौर कार्यालय में किया श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

आज स्थिति यही है, सरकार गरीबी और जातिगत भेदभाव को कम करने के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है लेकिन इन योजनाओं के लाभार्थियों में से सच में पात्र लोग कम ही मिलेंगे। उदाहरण के लिए जरुरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू की जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त में स्वास्थ सेवाएँ प्राप्त हो सकें। अधिकारिक आंकड़ों की मानें तो योजना के अंतर्गत अब तक 30 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और इसमें सरकार करीब 1.25 लाख करोड़ से अधिक का सहयोग कर चुकी है लेकिन वास्तव में 30 करोड़ आयुष्मान कार्ड धारकों में सभी गरीबी रेखा के नीचे के नागरिक हैं, इस बात की पुष्टि स्वयं सरकार भी नहीं कर सकती है। (Atul Malikram)

लेकिन बारीकी से पड़ताल की जाए तो बेशक इसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिल जाएँगे जिन्होंने झूठे कागजात या पहचान के दम पर यह कार्ड प्राप्त किये होंगे ,जबकि वह इसके पात्र नहीं होंगे। यह स्थिति आपको आज चल रही आधिकतम योजनाओं में मिल जाएगी चाहे बात स्वयं को गरीब दर्शाकर सरकारी नौकरी लेने की हो या अपने बच्चों को कम फीस में महंगे स्कूलों में दाखिला दिलाने की हो। आज के समय में स्वयं को गरीब दर्शाना बेहद फायदेमंद हो गया है।

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

इस झूठे दिखावे का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि झूठी गरीबी के कारण आज भी हम अमीरी-गरीबी के अंतर को ख़त्म नहीं पाए हैं और जब तक यह धांधली चलती रहेगी तब तक ख़त्म कर भी नहीं पाएँगे। क्योंकि गरीबी के इस झूठे दावे से अपात्र लोग इसका लाभ लेते रहेंगे और जो सच में जरूरतमंद हैं, पात्र हैं वह अशिक्षा, जागरूकता की कमी और अव्यवस्था के कारण वंचित ही रहेंगे। (Atul Malikram)

इसलिए अगर हमें सच में गरीबी को जड़ से ख़त्म करना है तो सबसे पहले इस बात की व्यवस्था करनी होगी कि किसी भी योजना का लाभ केवल पात्र व्यक्ति को ही मिले। जरुरतमंदों की सहायता करने के लिए केवल योजनाएं लागू कर देना ही काफी नहीं होगा बल्कि इन्हें उन तक सही प्रकार से पहुँचाना भी होगा। तभी हम सही मायनों में सहयोग कर पाएँगे और समाज में व्याप्त अंतर को ख़त्म कर पाएँगे। जब यह अंतर ख़त्म होगा तभी हम सही मायनों में विकास कर सकेंगे।

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

Tags: Atul MalikramBeneficial Povertypolitical strategistWriter
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Recommended

तेलंगाना

तेलंगाना के मंत्री एम मल्ला रेड्डी के काफिले पर हमला, कर रहे थे केसीआर की तारीफ

4 years ago
Sirsa

इन्नरव्हील क्लब िसरसा (Sirsa) मिड टाऊन के पदाधिकारियों ने संभाला दायित्व, समाजसेवा का उठाया बीड़ा

2 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
+91 (783) 766-7000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

Solidus Commissions Punjab's Largest Captive Open Access Solar Plant

Solidus Commissions Punjab's Largest Captive Open Access Solar Plant

April 22, 2026
Parimatch Launches 'Every Monday Is a Hunt,' A New Weekly Quest Initiative

Parimatch Launches 'Every Monday Is a Hunt,' A New Weekly Quest Initiative

April 22, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)