• About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Monday, May 4, 2026
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राष्ट्रिय

चुनावों में मुफ्त योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, शीर्ष अदालत मान चुकी है गंभीर समस्या

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
August 22, 2022
in राष्ट्रिय
0
मुफ्त

नई दिल्ली। राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुनाव के दौरान की जाने वाली मुफ्त घोषणाएं (Freebies) सही या गलत? इस सवाल पर विभिन्‍न पार्टियों का मत अलग-अलग है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है। आज कोर्ट में मुफ्त घोषणाओं के विरुद्ध दायर याचिका पर अगली सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने इसे गंभीर समस्या मानते हुए सरकार से एक समिति गठित करने का सुझाव दिया था। इस समिति में रिजर्व बैंक, नीति आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात है।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हम राजनीतिक पार्टियों की घोषणाओं पर रोक नहीं लगा सकते हैं, लेकिन कल्याणकारी योजनाओं और चुनावी रेवड़ियों के बीच अंतर करना जरूरी है। कोर्ट ने चुनाव आयोग और राज्य सरकारों से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

मुफ्त घोषणाओं का मुद्दा राजनीतिक रूप से प्रासंगिक होता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसे रेवड़ी संस्कृति करार देते हुए इसका लगातार विरोध कर रहे हैं जबकि दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसका समर्थन कर रहे हैं। उनके समर्थन में अब तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री एमके स्टालिन भी उतर गए हैं।

दरअसल, कोर्ट ने साफ कर दिया है कि राजनीतिक दल या व्यक्ति को सत्ता में आने पर संवैधानिक जनादेश पूरा करने के उद्देश्य से किया गया वादा करने से रोका नहीं जा सकता है। अब इस सवाल का जवाब ढूंढना है कि वास्तव में वैध वादा क्या है? क्या हम छोटे और सीमांत किसानों को बिजली, बीजों और उर्वरकों पर सब्सिडी के वादे को मुफ्त की रेवडि़यां कह सकते हैं?

Tags: Arvind KejriwalFreebies in ElectionFreebies IssueIndian PoliticsMK Stalin on FreebiesSupreme Court on Freebies
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Digital Head @ Nav Times News

Recommended

Meerut

मेरठ में नहीं थम रहा अपराध, फिर मिली सिर कटी लाश, तीन घंटे बाद हुई शव की पहचान

4 years ago
Bill Gates

Mann Ki Baat : अरबपति कारोबारी बिल गेट्स ने ‘मन की बात’ के 100वें एपिसोड पर PM नरेंद्र मोदी को दी बधाई|

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
+91 (783) 766-7000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

India

Economy, Science & Technology, And Environment: The Three New Pillars Of Vietnam – India Cooperation

May 4, 2026
2026 Met Gala

Sudha Reddy Set to Represent India at the Global Stage of 2026 Met Gala

May 4, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)