• About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Thursday, July 30, 2026
Nav Times News
Best Acting School in Chandigarh
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राष्ट्रिय

छाते की छत्रछाया- Atul Malikram (राजनीतिक रणनीतिकार)

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
October 6, 2023
in राष्ट्रिय
0
Atul Malikram

Atul Malikram- किसी को झड़ी से रोका, तो किसी की छड़ी बन गया..मैं बात कर रहा हूँ छाते की.. 4 हजार बरस पहले छाते की खोज करने वाले व्यक्ति ने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यह मौसम की मार से लोगों को बचाने का काम इतनी शालीनता से करेगा। मेरे कहने का अर्थ यह है कि एक छोटा-सा आविष्कार कई रूपों में लोगों के काम आता है, कभी वह बरसते पानी से सुरक्षा देता है, तो कभी तपती धूप से राहत, कभी किसी के बुढ़ापे की लाठी बन जाता है, तो कभी शासन और सम्मान का प्रतीक। छाते की पहचान ही यही है कि जिसके हाथ में होता है, उसे सम्मान ही देता है।

मिस्र, अश्शूर, ग्रीस और चीन की प्राचीन कला और कलाकृतियों में छतरियों के सबूत मौजूद हैं। इसका उल्लेख पुराने समय के भित्ति चित्रों तथा अनेक इमारतों के भीतर अंकित चित्रों से मिलता है। प्रकृति की नीली छतरी की छत्रछाया में ही ये दुनिया गुजर-बसर कर रही है। यूँ ही नहीं ईश्वर को नीली छतरी वाला कहा जाता है।इन प्राचीन छतरियों या पैरासोल को पहले धूप से छाया प्रदान करने के उद्देश्य से उपयोग में लिया जाता था। पुराने ज़माने की महिलाओं के लिए ये छाते आज के मॉडर्न ज़माने के सनस्क्रीन का काम किया करते थे। फिर इस पर मोम की परत चढ़ाकर प्राचीन चीन के लोग बारिश से बचाव के रूप में इसका उपयोग करने लगे। (Atul Malikram)

ये भी पड़े-Index Medical College Hospital के छात्र बुराहनुद्दीन फिदवी और टीम ने जीता 25 लाख रुपए का प्रथम पुरस्कार

इसकी उपयोगिता यहीं आकर नहीं रुकी, इस छाते ने किसी को झड़ी से रोका, तो किसी के लिए छड़ी बन गया.. दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले चार्ली चैपलिन तो आपको याद होंगे ही, अब जब वे याद हैं, तो उनके टूल्स भी जरूर याद होंगे। काली टोपी, छड़ी और छाता। उनकी कॉमेडी में छाते के तड़के ने छाते को एक अलग ही छत्रछाया सौगात में दे दी।

मशहूर कॉमेडियन चार्ली के इस लुक पर बॉलीवुड ने भी खूब प्यार बरसाया.. श्री 420 फिल्म याद है? सन् 1955 में आई इस फिल्म का गाना ‘प्यार हुआ, इकरार हुआ’ आज 68 साल बाद भी उतना ही मशहूर है। चार्ली चैपलिन के अंदाज़ में नरगिस के साथ राज कपूर ने इस गाने की शुरुआत में एक छाते के नीचे अपने प्यार का इज़हार करते हुए एक नए दौर की झड़ी लगा दी.. इससे शेयरिंग की प्रवृत्ति को खासा बढ़ावा मिला। दो लोग एक छाते के नीचे दिखाई देने लगे, खास तौर पर प्रेमी जोड़े..(Atul Malikram)

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

राजा-महाराजाओं के समय में तो छाते की अलग ही शान-ओ-शौकत हुआ करती थी। यह वह समय था, जब छाते को शासन और सम्मान का प्रतीक माने जाना लगा। राजा-महाराजाओं के लिए बड़े-बड़े छत्र उपयोग में लाए जाते थे, जिनमें सोने-चाँदी और मोतियों की कलाकारी के साथ ही हीरे-जवाहरात जड़े होते थे। फिर जब वे नगर भ्रमण पर निकलते थे तो मखमल के छत्र उनकी शान में साथ-साथ परेड करते थे। कहने का अर्थ यह है कि पुराने समय में धनी लोग ही छाते का उपयोग करते दिखाई देते थे। भगवान के मंदिरों में भी इन छातों ने छत्र के रूप में अपनी महत्ता को कायम रखा है। मुख्य तौर पर चाँदी से बने हुए ये छात्र मंदिरों की खूब शोभा बढ़ाते हैं।

विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

दिन बदल गए, दुनिया बदल गई, लेकिन छाते की बनावट और महत्ता आज भी ज्यों की त्यों है। तरीका वही है, आकर वही है, नए ज़माने के अनुरूप नई-नई तकनीकें छातों में जोड़ी जाने लगी हैं। उजाले के लिए अंदर लगी छोटी-छोटी एलईडी, हवा के लिए छोटे-छोटे पंखे मॉडर्न छातों के रूप में पहचाने जाने लगे हैं। साज-सज्जा की तो क्या ही बात कहूँ, छाते यहाँ भी पीछे नहीं रहे हैं। राजस्थान की विशेष कलाकारी में हाथी-घोड़े आदि की प्रिंट के साथ बनाए गए छोटे-छोटे रंग-बिरंगे छाते आजकल महफिलों की खूब शान बढ़ा रहे हैं। शादियों में सजावट के लिए छातों का बड़े ही चाव से इस्तेमाल किया जाने लगा है। इसका कारण यह है कि इसकी साज-सज्जा करते ही शाही लुक अपने आप दिखने लगता है।(Atul Malikram)

रोल्स रॉयस के टेलर मैड छाते की भी क्या ही बात की जाए, लगभग 52 हजार रुपए की कीमत वाला यह छाता अमीर छतों की बिरादरी में आता है। हालाँकि, 150 रुपए वाला छाता भी वही काम करता है, जो महँगा करता है। शान से अलग बात करें, तो इसका मोल नहीं, महत्ता अधिक काम की है।

Tags: Atul Malikrampolitical strategist
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Digital Head @ Nav Times News

Recommended

Film Producer

Film Producer संदीप सिंह को अयोध्या के श्री राम मंदिर उद्घाटन समारोह में सम्मानजनक निमंत्रण मिला; कहते हैं, ”22 जनवरी 2024 को भारत इतिहास रचेगा

3 years ago
Huawei

Huawei, Meralco, and SANXING Ningbo Launch Intelligent Distribution Solution and Lighthouse Initiative

5 months ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
+91 (783) 766-7000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

Signify Introduces Philips FocusGlow Range: Lighting Engineered for Eye Comfort, Without Compromising on True Colour

Signify Introduces Philips FocusGlow Range: Lighting Engineered for Eye Comfort, Without Compromising on True Colour

July 29, 2026
Manipal University Jaipur Brings Global Experts Together for ACIFFS-2026

Manipal University Jaipur Brings Global Experts Together for ACIFFS-2026

July 29, 2026

Click on poster to watch

Bhaiya ji Smile Movie
Bhaiya ji Smile Movie

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)