ADVERTISEMENT
  • About Us
  • Advertisements
  • Terms
  • Contact Us
Monday, October 26, 2026
  • Login
Nav Times News
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs
No Result
View All Result
Nav Times News
No Result
View All Result
Home राष्ट्रिय

Dreams से दूर करती यह कैसी पढ़ाई

अतुल मलिकराम (लेखक एवं राजनीतिक रणनीतिकार)

नवटाइम्स न्यूज़ by नवटाइम्स न्यूज़
August 6, 2024
in राष्ट्रिय
0
Dreams

Dreams – भारत के हलचल और महत्वाकांक्षाओं से भरे एक शहर में, आन्या रहती है। आन्या 20-22 साल की एक होनहार बालिका है, जिसने हाल ही में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद अब वह एक अच्छी-सी नौकरी चाहती है। पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी की चाह रखने वाली वह कोई अकेली बालिका नहीं है, बल्कि यह तो देश के हर पढ़े-लिखे युवा का सपना है। घर से दूर रह कर, दिन-रात एक करके उसने अपनी पढ़ाई पूरी की थी।

उसकी यह डिग्री, कड़ी मेहनत और किताबों में दबी हुई अंतहीन रातों का परिणाम थी। कई लोगों की तरह उसका भी मानना था कि उसकी डिग्री उसके सपनों को साकार करने की राह खोलेगी। लेकिन जब वह वही डिग्री के भरोसे अपनी मनपसंद नौकरी लेने पहुँची, तो उसे पता चला कि इतने साल जिस डिग्री के लिए उसने दिन-रात एक किए, लोन लेकर फीस भरी, घर से दूर रही, वह डिग्री, वह पढ़ाई उस नौकरी को पाने के लिए काफी नहीं है, जिसका उसने सपना देखा था। नौकरी के लिए ऐसे कौशल की जरुरत है, जो उन्हें कभी सिखाया ही नहीं गया।

इसमें दोष इन युवाओं का नहीं है, बल्कि हमारी शिक्षा प्रणाली ही कुछ ऐसी है, जो रटंत विद्या और नंबरों पर जोर देने के चक्कर में छात्रों को आधुनिक उद्योगों की नई-नई माँगों के हिसाब से तैयार करने में विफल है। हर साल देश की युनिवर्सिटीज़ से हजारों युवा ग्रेजुएट होकर निकलते हैं, फिर भी उनमें से अधिकतर बेरोजगारी से जूझते हैं या फिर बेमन से कोई छोटी-मोटी नौकरी करते हैं, फिर उनके लिए यह भी मायने नहीं रखता कि जो नौकरी उन्हें मिली है, वह उनकी फिल्ड की है भी या नहीं। बड़ी-बड़ी कम्पनियाँ ऐसे उम्मीदवारों की तलाश करती हैं, जो गंभीर रूप से सोच सकें, जल्दी से अमल कर सकें और जिनके पास व्यावहारिक अनुभव हो। ये कुछ ऐसे गुण हैं, जिन्हें पारंपरिक शिक्षा प्रणालियाँ अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती हैं। (Dreams)

 ये भी पड़े– चंद रुपयों (Rupees) का सौदा , सामान सस्ता या हम?

इस समस्या का कारण किताबी ज्ञान तक सीमित हमारी शिक्षा नीति और इंडस्ट्री के लिए जरुरी कौशल के बीच की खाई है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट के अनुसार, केवल 46% भारतीय ग्रेजुएट ही रोजगार के लिए तैयार हैं। यह आँकड़ा एक गंभीर वास्तविकता को दर्शाता है। हमारी शिक्षा प्रणाली उद्योग की माँगों के अनुरूप नहीं है। टेक्नोलॉजी में तेजी से प्रगति और नौकरियों की लगातार विकसित हो रही प्रकृति के लिए ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो चुस्त हों, लीक से हटकर सोचते हों और नई मशीनों और टेक्नोलॉजी में कुशल हों। जबकि हमारे युवा आज भी बरसों पहले बने सिलेबस पर ही अटके हुए हैं, जिसमें कोई नयापन नहीं है।

अपने कई साथियों की तरह, आन्या को भी इस कड़वी सच्चाई का एहसास बहुत देर से हुआ। कॉलेज सर्टिफिकेट में ए ग्रेड पाने के बावजूद, उसमें उस व्यावहारिक ज्ञान की कमी थी, जो कम्पनियाँ वास्तव में चाहती थीं। कोडिंग लैंग्वेज, डेटा एनालिसिस टेक्निक्स, कम्यूनिकेशन और टीम वर्क जैसी सॉफ्ट स्किल्स उसके कॉलेज सिलेबस का कभी हिस्सा रहीं ही नहीं। (Dreams)

इसका खामियाजा आज आन्या को भुगतना पड़ रहा था। उसके मन में एक ही प्रश्न था कि आखिर गलती किसकी है? शिक्षा और रोजगार के बीच के इस बेमेल का युवाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है। संभावनाओं और सपनों से भरपूर देश के युवा खुद को अस्वीकृति और निराशा के चक्र में फंसा हुआ पाते हैं। एक स्थिर नौकरी पाने के लिए समाज और परिवार का दबाव स्थिति को और खराब कर देता है। बेरोजगारी से जुड़ा सामाजिक कलंक उन्हें शर्मिंदा करता है और युवाओं के मन में निराशा का भाव पनपने लगता है।

विज्ञापन– क्या आप कलाकार बनाना चाहते है ? क्या आप फिल्म जगत में अपना नाम बनाना चाहते है?

आन्या का किस्सा ही ले लीजिए, उसके माता-पिता को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। आप खुद ही सोचिए कि उन्होंने उसे कॉलेज तक पहुँचाने के लिए क्या कुछ त्याग नहीं किया होगा। क्यों? क्योंकि उन्हें यह विश्वास था कि बिटिया पढ़ने में होनहार है। उसकी नौकरी लग जाएगी, तो वह उसकी पढ़ाई के लिए लिया हुआ सारा कर्ज उतार देगी। (Dreams)

साथ ही, वह पूरे परिवार का भविष्य भी संवार देगी। हर दिन जब वह बिना नौकरी के घर लौटती थी, तो यह उसे यह एक हार की तरह महसूस होता था। यह हार उसके ऊपर एक बोझ बनती जा रही थी, जिसे वह चुपचाप ढोती जा थी। अधूरी उम्मीदों का बोझ और अनिश्चित भविष्य का डर उसकी आत्मा को कचोट रहा था। अगर आन्या को उसकी पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी पाने के लिए जरुरी गुर भी सिखाए गए होते, तो आज वह भी किसी अच्छी कंपनी में नौकरी कर रही होती। उसकी सालों की मेहनत और उसके माता-पिता की खून पसीने की कमाई ऐसे बर्बाद न हुई होती।

आन्या जैसे युवाओं से मैं बस यही कहना चाहता हूँ कि एक हार पर जिंदगी खत्म नहीं हो जाती। मानता हूँ कि आगे का रास्ता कठिन है, लेकिन यह मत भूलिए कि सफल होने का दृढ़ संकल्प भी अटल है। आजीवन सीखने और अपने कौशल को लगातार अपडेट करने से, नौकरी की उथल-पुथल से बखूबी निपटा जा सकता है। साथ ही, यह कहानी फिर किसी युवा के साथ न दोहराई जाए, इसके लिए जरुरी है कि हमारी शिक्षा नीति को अपडेट किया जाए। (Dreams)

‘विज्ञापन – जाने बेस्ट प्रोडक्शन हाउस इन इंडिया के बारे में | लाइन प्रोडूसर इन इंडिया की पूरी जानकारी |

उसमें आज की जरुरत के हिसाब से नया कोर्स जोड़ा जाए, जो युवाओं को आज की नौकरियों की जरुरत के हिसाब से तैयार कर सके। इसके लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और स्वयं छात्रों के सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। जैसे-जैसे राष्ट्र आगे बढ़ रहा है, एक ऐसी शिक्षा प्रणाली का सपना जो वास्तव में अपने युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करती है, दूर की कौड़ी नहीं है। बस कमी है थोड़े से प्रयास की, तो क्यों न यह थोड़ा-सा प्रयास करके इन युवाओं का भविष्य निराशा की गर्त में जाने से रोका जाए और देश के लिए भी एक उज्जवल भविष्य बनाया जाए?

Tags: DreamsEducation systemeducational establishmentsKnowledge
Advertisement Banner Advertisement Banner Advertisement Banner
नवटाइम्स न्यूज़

नवटाइम्स न्यूज़

Digital Head @ Nav Times News

Recommended

Minor girl gang-raped

बागेश्वर में नाबालिक लड़की के साथ चार लोगो ने किया सामूहिक दुष्कर्म

4 years ago
Vishva Valmiki

सिरसा पहुंचे विश्व वाल्मीकि (Vishva Valmiki) धर्म संसद परिषद ट्रस्ट से जुड़े संत समाज के लोग

3 years ago
Facebook Twitter Instagram Pinterest Youtube Tumblr LinkedIn

Nav Times News

"भारत की पहचान"
+91 (783) 766-7000
Email: navtimesnewslive@gmail.com
Location : India

Follow us

Recent News

India's Festive Season Business Report 2026: How MSMEs are Preparing for the Diwali Demand Surge

India's Festive Season Business Report 2026: How MSMEs are Preparing for the Diwali Demand Surge

October 24, 2026
L&T Finance's Pitch Point Launchpad for AI Start-ups: Past winners Arrowhead AI and SpoofSense Share Success Stories Ahead of the Second Edition

L&T Finance's Pitch Point Launchpad for AI Start-ups: Past winners Arrowhead AI and SpoofSense Share Success Stories Ahead of the Second Edition

October 24, 2026

Click on poster to watch

navtimes

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

No Result
View All Result
  • Home
  • चंडीगढ़
  • राज्य
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • दिल्ली
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • महाराष्ट्र
    • जम्मू & कश्मीर
    • हिमाचल प्रदेश
  • राष्ट्रिय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • मनोरंजन
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
  • व्यापार
  • ऑटोमोबाइल्स
  • टेक्नोलॉजी
  • ज्योतिष
  • वीडियो Video
  • चमकते सितारे
  • Blogs

© 2021-2026 All Right Reserved by NavTimes न्यूज़ . Developed by Msasian Entertainment (MS GROUPE)

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In